अध्याय 2 दादी की जागृति
मार्गरेट—ऑस्टिन की माँ—पास ही खड़ी थी। जैसे ही उसकी नज़र एला पर पड़ी, उसके चेहरे पर ऐसी घिन उभरी कि छुप ही नहीं सकी।
ऑस्टिन भी वहीं था, दरवाज़े की तरफ पीठ किए हुए। एला की साँस अटक गई जब उसने देखा कि उसकी हमेशा करीने से पहनी रहने वाली ड्रेस शर्ट फटी हुई थी, और उसके नीचे की त्वचा पर नीले निशान और खून साफ़ दिख रहा था। साफ़ था—वह किसी हाथापाई में पड़ा था।
जूडिथ को मीडिया वालों से बचाते हुए इसे चोट लगी है, एला ने समझ लिया, और उसके मुँह में कड़वाहट घुल गई।
“दादी को क्या हुआ?” एला जल्दी से आगे बढ़ी, उसकी आवाज़ काँप रही थी।
मार्गरेट उसके रास्ते में आ खड़ी हुई, जैसे बरसों का ज़हर आखिरकार अपना निशाना पा गया हो। “पूछने की हिम्मत कैसे हुई? अगर तुमने मेरे बेटे को फँसाने के लिए इतनी सोची-समझी चालें न चली होतीं, तो क्या उनकी ये हालत होती? तुम्हारे पास जो कुछ है, सब जूडिथ से छीना हुआ है!”
एला के सीने में तेज़ दर्द उठा। रेमंड परिवार की नज़र में ऑस्टिन के लायक़ बस चमकदार, नामी डिज़ाइनर जूडिथ थी। तीन साल तक एला ने जिस तरह एक लकवाग्रस्त ऑस्टिन को नरक से खींचकर बाहर निकाला—उसकी कोई कीमत ही नहीं थी।
“तुम बहुत दिनों से ऐसी जगह पर बैठी हो जो तुम्हारी है ही नहीं,” मार्गरेट ने तिरस्कार से कहा, एला को सिर से पैर तक ऐसे घूरते हुए जैसे वह कोई कचरा हो। “कब तलाक़ दोगी ऑस्टिन को और जो हक़ से जूडिथ का है, वो लौटाओगी?”
एला जवाब देने ही वाली थी कि अचानक एक कमज़ोर-सी खाँसी ने माहौल तोड़ दिया। कैरन ने पलकों को हल्का-सा झपकाया और आँखें खोल दीं।
“दादी!” एला फौरन उसके पास पहुँची और तकिये के सहारे सावधानी से उसे थोड़ा उठाया।
“दादी,” ऑस्टिन भी आगे बढ़ा, उसकी आवाज़ में उलझा-सा भाव था।
कैरन की तीखी नज़र पहले उसके पोते की बिखरी हालत पर गई, फिर सीधे मार्गरेट पर टिक गई।
“ये मत समझो कि बूढ़ी हो गई हूँ तो तुम्हारी चालें मुझे दिखती नहीं,” कैरन ने भर्राई हुई आवाज़ में कहा—कमज़ोर, मगर रेमंड खानदान की मुखिया वाली अटल ताक़त लिए हुए। “जब तक मेरी साँस चल रही है, मेरे लिए एला ही एकमात्र बहू है। बाहर मंडराने वाली वो घर तोड़ने वाली सपना ही देखती रहे!”
एला के जमे हुए दिल में अचानक गर्माहट फैल गई। कैरन ही अकेली थी जो जूडिथ को पहचानती थी। जब ऑस्टिन लकवाग्रस्त हुआ था, तब जूडिथ ‘विदेश में पढ़ाई’ के बहाने उसे छोड़कर चली गई थी। मगर लौटते ही मीठी बातों से उसने आसानी से ऑस्टिन और मार्गरेट—दोनों को अपने वश में कर लिया।
“माँ!” मार्गरेट झल्लाई। “ये शादी एक तमाशा है। अगर ऑस्टिन का हादसा न हुआ होता, तो जूडिथ कभी जाती ही नहीं। उन्हें तलाक़ लेना चाहिए!”
“बस!” कैरन की आवाज़ में बर्फ़-सी ठंडक आ गई। “मैं लोगों को उनके काम से परखती हूँ, बातों से नहीं। एला तब भी रही जब वह टूट चुका था। जूडिथ भाग गई।” उसने हाथ बढ़ाकर एला का काँपता हाथ थाम लिया। “मेरी बच्ची, जब तक मैं हूँ, मैं किसी को तुम्हें सताने नहीं दूँगी।”
एला की आँखों में आँसू चुभने लगे। ताने, अनदेखी और अपमान—उसकी रोज़मर्रा की बात बन चुके थे, मगर ये सच्ची गर्माहट उसकी सारी दीवारें हिला गई। उसे घर पर रखी गर्भधारण की गोलियाँ याद आ गईं। वह उस इकलौती इंसान को निराश नहीं करना चाहती थी जो उसे सच में अपना मानता था।
लेकिन वह बोल ही पाती, उससे पहले ऑस्टिन आगे आ गया। उसकी आँखों में जमी ठंडी दृढ़ता ने एला के भीतर बचा-खुचा हर भ्रम चकनाचूर कर दिया।
“दादी, कल रात मीडिया वालों ने जूडिथ का पता खोज लिया,” ऑस्टिन ने पत्थर-से जबड़े के साथ कहा। “वह डरी हुई है, और उसे सुरक्षित जगह पहुँचाने के लिए मुझे पपराज़ी से लड़ना पड़ा। मुझे उसकी हिफाज़त करनी है। ये तलाक़ होना ही है। अभी।”
कमरे में मानो जान ही निकल गई—घुप्प सन्नाटा छा गया।
दादी की हालत इतनी नाज़ुक थी, और वह उसी वक्त तलाक़ माँग रहा था—सिर्फ़ उस औरत की खातिर जिसने कभी उसे छोड़ दिया था। कल तक वह एला से अपना वारिस पैदा करने की बात कर रहा था; आज वह उसे फेंक रहा था, अपनी सच्ची मोहब्बत को बचाने के लिए।
एला ने उस आदमी को देखा जिसे उसने चौदह साल तक प्यार किया था। उसके दिमाग़ का धुँधलका—जिस पर उसने कुछ घंटे पहले ही सवाल उठाया था—पूरी तरह छँट गया।
रोने के बजाय, गिड़गिड़ाने के बजाय, एला ने धीरे से अपना हाथ कैरन की पकड़ से छुड़ाया और खड़ी हो गई। ऑस्टिन की हैरान नज़र से उसकी नज़र मिली—उसकी आँखें अजीब-सी शांत थीं।
“ठीक है,” एला ने धीमे से कहा, उसकी आवाज़ में कोई भाव नहीं था। “चलो, तलाक़ कर लेते हैं।”
